~~~~~~~~~~~
मैं चाँद भी तोड़ लाउं ,तो तेरे चेहरे पे हँसी नही खिलती
वो दिया भी जला दे ,तो तेरा चेहरा आफताब हो जाय।
~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~
मैं तमाम उम्र कोशिशों में लगा रहा, तेरी आंख का तारा बन पाऊं
ना कभी तेरी निगाह ने सराहा मुझे ,ना मेरी रूह ने ।
~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~
ता उम्र एक मुखोटा पहन के जीय
ना तुझे पता चला न मुझे ।
~~~~~~~~~~~
~~~~~~~~~~~
जिंदगी तुझे मुझसे कोई शिकायत है तो बता।
आज खुद पर मुक़दमा किया है मैने।
~~~~~~~~~~~
Baut khoob 👏
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteCha gyi
ReplyDeletewaooooo
ReplyDelete