A half Book
तेरा दीद
हाँ किसी मोड़ पर तेरा दीद हो जाय
तो सूखता दरया आँखों का नीला हो जाय।
तुझे जी भर के देखु ,और यू देखूं
के अश्क भी न निकले और काजल गीला हो जाय।
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