पतझड़ सा ये बहार बीता ,
तू क्या जाने,कैसे मेरा इंतज़ार बीता |
यूँ गुजरा एक एक पल,
जैसे कोई साल बीता |
कभी हौंसला टूटा ,कभी उम्मीदें टूटी
पर प्रेम ,मर मर के भी रहा जीता
कितना मुश्किल तेरा एतबार बीता |
यूँ गुजरा एक एक पल,
जैसे कोई साल बीता |
पढ़ ली कुरान सारी,पढ़ ली पूरी गीता ,
उसकी इनायत हुई ,वस्ल का दिन आया
नज़र भर तुझको देखा ,
बरसो बाद मेरा इंतज़ार बीता |
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