किस्से किताब

बंद करो ये किस्से, किताबो के दोस्तों,
जिंदगी इतनी भी हसीं नहीं ,जितनी किताबें बताती हैं| 
हकीकत कुछ और है, इन जन्न्त के ख्वाबों से ,
सबकी निगाहें नम हैं,ये तस्वीरें झूट मुस्कुराती हैं| 

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