अरसे लग जाय जिसे पाने में ,
ऐसा शौख देर तक कहाँ रहता है ,
मैं कब तक ठहरा रहु तेरे लिए ,
कभी कोई कभी कोई ,हमारे दरमियाँ रहता है |
दुश्मनों से जो बेहतर निकल गए ,उन दोस्तों का क्या करें |
जो काम ही ना आए कभी ,उन हौसलों का क्या करें |
दूरियां होती तो दिल को समझा भी लेते ,पास रह कर भी जो हो गए ,उन फासलों का क्या करें |Follow me on instagram : https://www.instagram.com/ahalfbook
रंग से बेरंग ,बेरंग से रंगीन हो के देखा ,कभी सीधी साधी अल्हड़ ,कभी बला की हसीन हो के देखा ,पर किसी भी सूरत वो मेरा न हुआ |Follow me on instagram : https://www.instagram.com/ahalfbook