तेरी याद

आय जो तेरी याद कभी ,
झिलमिलाती पलकों से कुछ सितारे तोड़ लेता हूँ | 
फिर पलेट कर उनको खत में ,
तेरी तस्वीर के पीछे छोड़ देता हूँ | 

जो न दिखे एक दिन भी तो उदास हो जाता हूँ ,
जो हो जाय मुलाकात तो ,
कभी जी भर के देख लेता हूँ ,
कभी निगाहें मोड़ लेता हूँ | 

Follow me on instagram : https://www.instagram.com/ahalfbook

No comments:

Post a Comment